Sunday, January 28, 2018

जुडने के ठिकाने



धूप हो या धूल
मस्त है जीवन
साथीयों से मीले जब
अनन्द मनाते हम
कौन बडाछोटा है कौन
दिल से रिस्ता निभाते हम
खेलखेल में मिताते सबकुछ
उँचनिंचका वो सिमाएं भी हम
जुडने के ठिकाने हमारा
सायद सबको लुभाते हम ।

१२।८।२०१७

Thursday, January 25, 2018

जन्मदिन


झुठी आदत
मनाते जन्मदिन
कैसे विश्वास
जन्म हो एकबार
उत्सव हर साल !

मीठी सी भ्रम
अस्तित्वका दर्शन
ये जन्मदिन
हँसते संग रहें
मीलके साथ रहें ।

बच्चें जैसे हो
बच्चें बन नसके
जन्मदिन पे
वो दिन के याद पर
जिद्द करते ।

१।२५।२०१८

Wednesday, January 24, 2018

मिट्टी

मिट्टी


बिन्दी बने मिट्टी जब ललाटमें
जीवन चमकते जीने की चाहतसे
रिस्ते नाते हर मोड रास्ता बनते
अपनी मिट्टीके मिठ्ठी सुगन्धसे ।

पदचाप गुँजते मिट्टी रंग उडाते
संगम बनते सभ्यता जब पर्व आते
जल सिंचते मिट्टीको जब प्यार बनके
मिट्टीको पहचाने तब जीवन धन्य होते ।

१२।१८।२०१७

मिट्टी


मिट्टी की गन्ध
जीवनकाे लुभाते
प्राण बसती
सब की हृदयमें
साथ साथ जिनेकाे ।
१२।११।२०१७

उडते पते



उडते पते
कहां, कब गिरते
खूद न जाने ।

१।१९।२०१८

कुछ नयां देखें






मन करता कुछ नयां देखें
हरपल चलता कदम नयां राह धुंदते
कोही चले मेरे कदम पे कदम मीला के
क्यूं मन दुखाते आज साथ ना भी हो कल मीलते !

१।२३।२०१८

जुडने के ठिकाने

धूप हो या धूल मस्त है जीवन साथीयों से मीले जब अनन्द मनाते हम कौन बडा ,  छोटा है कौन दिल से रिस्ता निभाते हम खेलखेल में मित...