Wednesday, January 24, 2018

कुछ नयां देखें






मन करता कुछ नयां देखें
हरपल चलता कदम नयां राह धुंदते
कोही चले मेरे कदम पे कदम मीला के
क्यूं मन दुखाते आज साथ ना भी हो कल मीलते !

१।२३।२०१८

No comments:

Post a Comment

जुडने के ठिकाने

धूप हो या धूल मस्त है जीवन साथीयों से मीले जब अनन्द मनाते हम कौन बडा ,  छोटा है कौन दिल से रिस्ता निभाते हम खेलखेल में मित...